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चंद्र ग्रहण FAQ
चंद्र ग्रहण क्या है?
चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच से गुजरती है, पृथ्वी की छाया चंद्रमा की सतह पर पड़ती है। सूर्य ग्रहण के विपरीत, चंद्र ग्रहण पृथ्वी पर कहीं भी देखा जा सकता है जहां चंद्रमा क्षितिज के ऊपर हो।
पूर्ण, आंशिक और उपछाया ग्रहण में क्या अंतर है?
पूर्ण चंद्र ग्रहण तब होता है जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की प्रच्छाया (सबसे गहरी छाया) में प्रवेश करता है, अक्सर चंद्रमा को गहरे लाल रंग में बदल देता है। आंशिक ग्रहण का मतलब है कि चंद्रमा का केवल एक हिस्सा प्रच्छाया में प्रवेश करता है। उपछाया ग्रहण सूक्ष्म होता है — चंद्रमा पृथ्वी की हल्की बाहरी छाया (उपछाया) से गुजरता है, जिससे केवल हल्का मंदन होता है।
चंद्र ग्रहण कितनी बार होते हैं?
औसतन, हर साल लगभग 2–3 चंद्र ग्रहण होते हैं, हालांकि सभी हर स्थान से दिखाई नहीं देते। पूर्ण चंद्र ग्रहण कम आम हैं, हर 5 साल में लगभग 2–3 बार होते हैं।
क्या मैं अपने स्थान से चंद्र ग्रहण देख सकता हूं?
चंद्र ग्रहण वहां से दिखाई देता है जहां ग्रहण के दौरान चंद्रमा क्षितिज के ऊपर हो। यह पृष्ठ स्वचालित रूप से आपका स्थान पहचानता है और दिखाता है कि कौन से आगामी ग्रहण आपको दिखाई देंगे, ग्रहण के प्रत्येक चरण में चंद्रमा की ऊंचाई सहित।